डॉ. रोहित कुमार गुप्ता, निदेशक, JNARDDC, एक प्रतिष्ठित धातुकर्मी (Metallurgist) हैं और उन्हें सामग्री विकास, प्रसंस्करण, कैरेक्टराइजेशन, विफलता विश्लेषण (Failure Analysis), एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, प्रौद्योगिकी विकास तथा संस्थागत प्रशासन के क्षेत्र में 26 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। उन्होंने GEC/NIT रायपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में B.E., IIT कानपुर से मैटेरियल्स एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में M.Tech. तथा IIT रुड़की से मैटेरियल्स एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में Ph.D. की उपाधि प्राप्त की है।
डॉ. गुप्ता ने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) तथा लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC), ISRO में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है। वहाँ उन्होंने एयरोस्पेस सामग्रियों और प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास तथा उनके परीक्षण और प्रमाणीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्रों में एल्युमिनियम मिश्रधातु, टाइटेनियम मिश्रधातु, निकेल एवं कोबाल्ट आधारित सुपरएलॉय, कॉपर मिश्रधातु, स्टेनलेस स्टील, क्रायोजेनिक स्टील, इन्वेस्टमेंट कास्टिंग तथा उन्नत सामग्री प्रसंस्करण शामिल हैं। उन्होंने ISRO के प्रमुख कार्यक्रमों और मिशनों, जैसे PSLV, GSLV, LVM3, SSLV, मंगलयान, चंद्रयान, आदित्य-L1 और गगनयान के लिए सामग्रियों के विकास और उनके उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने औद्योगिक समस्याओं तथा धातुकर्म संबंधी विफलता विश्लेषण के क्षेत्र में कई अध्ययनों का संचालन और मार्गदर्शन किया है। उनके योगदान में 300 से अधिक तकनीकी प्रकाशन एवं प्रस्तुतियाँ शामिल हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र, सम्मेलन पत्र, पुस्तक अध्याय और पेटेंट शामिल हैं। उन्होंने IIT बॉम्बे, IIT खड़गपुर, NIT त्रिची, IIT धनबाद, CUSAT और IIST जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से Ph.D. और M.Tech. शोधार्थियों का सह-मार्गदर्शन भी किया है।
डॉ. गुप्ता को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं। इनमें भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय द्वारा Metallurgist of the Year Award (2019), NIT रायपुर द्वारा Distinguished Alumnus Award (2021), कई ISRO Team Awards, ISRO Young Scientist Award (2007) तथा Young Metallurgist of the Year Award (2009) शामिल हैं।
उन्होंने 23 सितंबर 2026 को खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन Jawaharlal Nehru Aluminium Research Development and Design Centre (JNARDDC) में निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
JNARDDC में वे एल्युमिनियम एवं इसकी मिश्रधातुओं, महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals), धातु पुनर्चक्रण (Metal Recycling) तथा धातुओं और खनिजों के परीक्षण एवं प्रमाणन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को नेतृत्व प्रदान करने के लिए जिम्मेदार हैं। उनका मुख्य उद्देश्य स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाना तथा खनिज एवं धातु क्षेत्र में JNARDDC के योगदान को और मजबूत करना है।