प्रिय सहकर्मियों,
मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मैंने 1 जुलाई 2026 से जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिज़ाइन केंद्र (JNARDDC) के निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया है।
जेएनएआरडीडीसी ने बॉक्साइट बेनिफिशिएशन, एल्यूमिना रिफाइनिंग, एल्यूमिनियम स्मेल्टिंग, डाउनस्ट्रीम उत्पाद विकास, विश्लेषणात्मक परीक्षण, पायलट स्तर की प्रौद्योगिकी विकास, इंजीनियरिंग डिज़ाइन, परामर्श सेवाओं, अंशांकन (कैलिब्रेशन) तथा कौशल विकास के क्षेत्रों में अपने उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से एल्यूमिनियम एवं अलौह धातु क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) के रूप में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। इस संस्थान ने स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास, प्रक्रिया नवाचार तथा क्षेत्र के सतत एवं समावेशी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अपने अनुसंधान एवं विकास (R&D) दायित्वों के अतिरिक्त, जेएनएआरडीडीसी ने भारत सरकार की अनेक महत्वपूर्ण पहलों के परियोजना प्रबंधन अभिकरण (Project Management Agency - PMA) के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें ₹1,500 करोड़ की निम्न-ग्रेड एल्यूमिनियम उत्पादों को प्रोत्साहन देने वाली प्रोत्साहन योजना, एस एंड टी प्रिज़्म (S&T PRISM) योजना, तथा स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण और एमएसएमई विकास से संबंधित कार्यक्रम शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से संस्थान ने नवाचार को बढ़ावा देने और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
आगे बढ़ते हुए हमारा प्रमुख ध्यान उद्योग-उन्मुख अनुसंधान, सतत प्रौद्योगिकियों, क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत सामग्रियों (Advanced Materials), डिजिटल परिवर्तन (Digital Transformation) तथा उद्योग, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने पर रहेगा।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के निरंतर सहयोग, समर्पण और प्रतिबद्धता से जेएनएआरडीडीसी आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प की दिशा में अपने योगदान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
आइए, हम सभी मिलकर जेएनएआरडीडीसी को वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र सेवा के नए आयामों तक पहुँचाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें।
जय हिन्द!
सादर शुभकामनाओं सहित।